मुकुन्द माधव गोविन्द बोल ।
केशव माधव हरि हरि बोल ॥
राम राम बोल, राम राम बोल ।
शिव शिव बोल, शिव शिव बोल ॥
नारायण बोल, नारायण बोल ।
केशव माधव हरि हरि बबोल ॥
मुकुन्द माधव गोविन्द बोल ।
केशव माधव हरि हरि बोल ॥
हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ - भजन (Akhiya Hari Darshan Ki Pyasi)
काले काले बदरा, घिर घिर आ रहे है: भजन (Kaale Kaale Badra Ghir Ghir Aa Rahe Hai)
राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक - भजन (Radhe Krishna Ki Jyoti Alokik)
Post Views: 941








