सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी
केकरा के राम बबुआ केकरा के लछुमन
केकरा के भरत भुवाल ए सखी
सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी
सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी
राजा राम जी के आरती उतारूँ ए सखी
कौशल्या के राम बबुआ सुमित्रा के लछुमन
ककई के भरत भुवाल ए सखी
चारों भाइयन के आरती उतारूँ ए सखी
सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी
राजा राम जी के आरती उतारूँ ए सखी
कवने रंग राम बबुआ कवने रंग लछुमन
कवने रंग भरत भुवाल ए सखी
राजा राम जी के आरती उतारूँ ए सखी
तू ही कन्हैया तू ही लखदातार है - भजन (Tu Hi Kanhaiya Tu Hi Lakhdatar Hai)
ॐ | ओ३म् | ओम | ओमकार (Om Aum)
सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी
राजा राम जी के आरती उतारूँ ए सखी
श्याम रंग राम बबुआ गोरे रंग लछुमन
पित रंग भरत भुवाल ए सखी
सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी
सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी
राजा राम जी के आरती उतारूँ ए सखी
– पंडित अभिषेक पाठक








