श्री शाकुम्भरी देवी जी की आरती (Shakumbhari Devi Ki Aarti)

jambh bhakti logo

हरि ओम श्री शाकुम्भरी अंबा जी की आरती क़ीजो
एसी अद्वभुत रूप हृदय धर लीजो
शताक्षी दयालू की आरती किजो
तुम परिपूर्ण आदि भवानी माँ,
सब घट तुम आप भखनी माँ
शकुंभारी अंबा जी की आरती किजो

तुम्ही हो शाकुम्भर,
तुम ही हो सताक्षी माँ
शिवमूर्ति माया प्रकाशी माँ
शाकुम्भरी अंबा जी की आरती किजो

नित जो नर नारी अंबे आरती गावे माँ
इच्छा पूरण किजो,
शाकुम्भर दर्शन पावे माँ
शाकुम्भरी अंबा जी की आरती किजो

जो नर आरती पढ़े पढ़ावे माँ,
जो नर आरती सुनावे माँ
बस बैकुण्ठ शाकुम्भर दर्शन पावे
शाकुम्भरी अंबा जी की आरती किजो

सूर्य मंत्र (Surya Mantra)

श्रील प्रभुपाद प्रणति (Srila Prabhupada Pranati)

कितना प्यारा है सिंगार - भजन (Kitna Pyara Hai Singar)

Read More: श्री ललिता माता की आरती (Shri Lalita Mata Ki Aarti)

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment