तेरी अंखिया हैं जादू भरी,
बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥
सुनलो मेरे श्याम सलोना,
तुमने ही मुझ पर,
कर दिया टोना,
मेरी अंखियाँ तुम्ही से लड़ी,
बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥
तेरी अंखिया हैं जादू भरी,
बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥
तुम सा ठाकुर और ना पाया,
तुमसे ही मैंने नेह लगाया,
मैं तो तेरे ही द्वार पड़ी,
बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥
तेरी अंखिया हैं जादू भरी,
बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥
कृपा करो हरिदास के स्वामी,
बांके बिहारी अन्तर्यामी,
मेरी टूटे ना तुमसे लड़ी,
बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥
दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी: भजन (De Do Anguthi Mere Prano Se Pyari)
मैं तो ओढली चुनरियाँ थारे नाम री: भजन (Main Too Ohdli Chunariyan Thare Naam Ri)
हे गजानन पधारो: भजन (Hey Gajanan Padharo )
तेरी अंखिया हैं जादू भरी,
बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥
Post Views: 762








