स्वस्ति: प्रजाभ्यः परिपालयंतां
न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः ।
गो ब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं
लोकाः समस्ताः सुखिनोभवंतु ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ।
लोकक्षेम मंत्र | सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का मंत्र
जय जय राधा रमण हरी बोल - भजन (Jai Jai Radha Raman Hari Bol)
जाना है मुझे माँ के दर पे: भजन (Jana Hai Mujhe Maa Ke Dar Pe)
तुलसी विवाह मंगलाष्टक (Tulsi Mangalashtak)
Post Views: 1,202








