ॐ सर्वेशां स्वस्तिर्भवतु ।
सर्वेशां शान्तिर्भवतु ।
सर्वेशां पुर्णंभवतु ।
सर्वेशां मङ्गलंभवतु ।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
श्री झूलेलाल आरती- ॐ जय दूलह देवा (Shri Jhulelal Om Jai Doolah Deva)
श्री रुक्मणी मंदिर प्रादुर्भाव पौराणिक कथा (Rukmani Mandir Pauranik Katha)
जय गणेश जय गजवदन, कृपा सिंधु भगवान - भजन (Jai Ganesh Jai Gajvadan Kripa Sindhu Bhagwan)
Post Views: 531








