गजाननं भूत गणादि सेवितं,
कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम् ।
उमासुतं शोक विनाशकारकम्,
नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम् ॥
मेरी माँ अंबे दुर्गे भवानी: भजन (Meri Maa Ambe Durga Bhawani)
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 7 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 7)
गुरु आसन समराथल भाग 3 ( Samarathal Dhora )
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