कूष्मांडा आरती (Kushmanda Aarti)

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माँ कूष्मांडा आरती:
कूष्मांडा जय जग सुखदानी ।
मुझ पर दया करो महारानी ॥
पिगंला ज्वालामुखी निराली ।
शाकंबरी मां भोली भाली ॥

लाखों नाम निराले तेरे ।
भक्त कई मतवाले तेरे ॥

भीमा पर्वत पर है डेरा ।
स्वीकारो प्रणाम ये मेरा ॥

सबकी सुनती हो जगदंबे ।
सुख पहुंचती हो मां अंबे ॥

तेरे दर्शन का मैं प्यासा ।
पूर्ण कर दो मेरी आशा ॥

मां के मन में ममता भारी ।
क्यों ना सुनेगी अरज हमारी ॥

ओम जय कैला रानी - कैला माता आरती (Om Jai Kaila Rani, Kaila Mata Aarti)

भजन :- पापिडा रे मुख सूं राम नहीं निकले,तू गुण थे गोविंद रा गाय,तेने अजब बनायो भगवान,हंसा सुंदर काया रो मत कर अभिमान

श्री राम कथा ओर जाम्भोजी भाग 2

तेरे दर पर किया है डेरा ।
दूर करो माँ संकट मेरा ॥

मेरे कारज पूरे कर दो ।
मेरे तुम भंडारे भर दो ॥

तेरा दास तुझे ही ध्याए ।
भक्त तेरे दर शीश झुकाए ॥

Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

निवण प्रणाम सभी ने, मेरा नाम संदीप बिश्नोई है और मैं मदासर गाँव से हु जोकि जैसलमेर जिले में स्थित है. मेरी इस वेबसाइट को बनाने का मकसद बस यही है सभी लोग हमारे बिश्नोई समाज के बारे में जाने, हमारे गुरु जम्भेश्वेर भगवन के बारे में जानेतथा जाम्भोजी ने जो 29 नियम बताये है वो नियम सभी तक पहुंचे तथा उसका पालन करे.

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