
दीदार, करने आया तेरे द्वार: भजन (Deedar Karne Aaya Tere Dwar)
कन्हैया का दीदार, करने आया तेरे द्वार ॥ अलख जगा के जोगी, आया तेरे द्वार, आया तेरे द्वार मैया, आया तेरे द्वार, कन्हैंया का दीदार,

कन्हैया का दीदार, करने आया तेरे द्वार ॥ अलख जगा के जोगी, आया तेरे द्वार, आया तेरे द्वार मैया, आया तेरे द्वार, कन्हैंया का दीदार,

हर घड़ी याद तेरी आये सौतन बनके, मैं फिरूँ श्याम तेरे नाम की जोगन बनके ॥ इक जमाना था बुलाने से चला आता था, मुझको

काली काली अलको के फंदे क्यूँ डाले, हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले ॥ दोहा – मेरा एक नज़र तुझे देखना, किसी बंदगी से

बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी भिखरिया, अहाँ के दुअरिया ना, बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी, भिखरिया अहाँ के दुअरिया ना ॥ अइलों बड़ बड़ आस

बांटो बांटो मिठाई मनाओ खुशी, मुँह मीठा करवाओ अवध वासियो । आज वन से अवध आ रहे है प्रभु, दीप माला सजाओ अवध वासियो ।

सजा दो घर को गुलशन सा, अवध में राम आए हैं, अवध मे राम आए है, मेरे सरकार आए हैं, लगे कुटिया भी दुल्हन सी,

कृष्ण घर नन्द के जन्मे, दुलारा हो तो ऐसा हो, लोग दर्शन चले आये, सितारा हो तो ऐसा हो ॥ बकासुर को मसल डाला, पूतना
