
मैं लाडली शेरोवाली की: भजन (Main Ladli Sherowali Ki)
उस ऊँचे मंदिरों वाली की, मेरी मैया मेहरो वाली की, मैं लाडली शेरोवाली की, मैं लाड़ली शेरोवाली की ॥ दरबार की शान निराली है, खाली

उस ऊँचे मंदिरों वाली की, मेरी मैया मेहरो वाली की, मैं लाडली शेरोवाली की, मैं लाड़ली शेरोवाली की ॥ दरबार की शान निराली है, खाली

भक्तों के घर कभी, आजा शेरावाली, कुटिया का मान, बढ़ा जा शेरावाली, भक्तो के घर कभी, आजा शेरावाली ॥ पलकों के आसन पे, तुझको बिठाएंगे,

मन तेरा मंदिर आँखे दिया बाती, होंठो की हैं थालियां बोल फूल पाती, रोम रोम जिव्हा तेरा नाम पुकारती, आरती ओ मैया आरती, ज्योतावालिये माँ

जरा फूल बिछा दो आँगन में, मेरी मैया आने वाली है, मेरी मैया आने वाली है, मेरी मैया आने वाली है, जरा फूल बिछा दो

मैं तो संग जाऊं बनवास मैं तो संग जाऊं बनवास मैं तो संग जाऊं बनवास स्वामी ना करना निराश पग पग संग जाऊं जाऊं बनवास

ऐसा सुंदर स्वभाव कहाँ पाया, राघवजी तुम्हें ऐसा किसने बनाया । पर नारी पर दृष्टि न ड़ाली, ऐसी तुम्हरी प्रकृति निराली, तुम्हें वाल्मीकि तुलसी ने

दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी इसे लाया है कौन, इसे लाया है कौन मेरे रघुवर की, रघुबर की मात भी छोड़े, मैंने पिता
