
हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है – RSS गीत (Hamako Apani Bharat Ki Mati Se Anupam Pyar Hai)
हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है, माटी से अनुपम प्यार है, माटी से अनुपम प्यार है ॥ इस धरती पर जन्म लिया

हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है, माटी से अनुपम प्यार है, माटी से अनुपम प्यार है ॥ इस धरती पर जन्म लिया

जय जय गणराज मनाऊँ, चरणों में शीश नवाऊं, जब तक सांसे हैं तन में, तेरा ही ध्यान लगाऊं, गजानन्द जी हमारे घर आओ, बुलाते है

गिरिजा के छैया, गणपति तुम्हे पुकारूँ, पूजूं मैं तुम्हे, आरती तेरी उतारूँ, गिरिजा के छैंया ॥ पान फूल मेवा से, चरणों की सेवा से, प्रथम

जय जय गणपति गजानंद, तेरी जय होवे, जाऊं तोपे बलिहारी, तेरी जय होवे, जय जय गणपति गजानन्द, तेरी जय होवे ॥ रिद्धि सिद्धि के दाता,

ओ बाबा तेरे भक्त बुलाये, आ जाओ गजानन प्यारे, आ जाओ गजानन प्यारें, अब देर करो ना आ जाओ द्वारे, आ जाओ गजानन प्यारें, आ

गजानन आए मेरे द्वार॥ श्लोक – वक्रतुंड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभा, निर्विघ्नम कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा ॥ गजानन आए मेरे द्वार, गजानन आये मेरे द्वार,

पधारो म्हारे अंगना जी ॥ दोहा – हे शंकर सुत गौरी के लाला, हम करे तुम्हारा ध्यान, आके गजानन दर्शन दिखा दो, रख लो हम
