
कब दर्शन देंगे राम परम हितकारी – भजन (Kab Darshan Denge Ram Param Hitkari)
भीलनी परम तपश्विनी, शबरी जाको नाम । गुरु मतंग कह कर गए, तोहे मिलेंगे राम । कब दर्शन देंगे राम परम हितकारी कब दर्शन देंगे

भीलनी परम तपश्विनी, शबरी जाको नाम । गुरु मतंग कह कर गए, तोहे मिलेंगे राम । कब दर्शन देंगे राम परम हितकारी कब दर्शन देंगे

आए हैं प्रभु श्री राम, भरत फूले ना समाते हैं । आए हैं प्रभु श्री राम, भरत फूले ना समाते हैं । तन पुलकित मुख

राम कहने से तर जाएगा, पार भव से उतर जायेगा। उस गली होगी चर्चा तेरी, जिस गली से गुजर जायेगा। ॥ राम कहने से तर

पूज्य स्वामी राजेश्वरानंद जी महाराज एक बहुत अच्छे छंद, चौपाइयां, पद्य, कविताएं एवं भजन लेखक थे। प्रभु श्रीसीतारामजी काटो कठिन कलेश कनक भवन के द्वार

नित नयो लागे साँवरो, इकि लेवा नज़र उतार, नजर ना लग जावै, एकी लेवा नज़र उतार, नज़र ना लग जावे । सोने के सिंघासन पर,

लागे वृन्दावन नीको, आली* मोहे लागे वृन्दावन नीको। लागे वृन्दावन नीको, आली री मोहे लागे वृन्दावन नीको। आली मन लागे वृन्दावन नीको। घर घर तुलसी

बांके बिहारी हमें भूल ना जाना, जल्दी जल्दी वृन्दावन, हमको बुलाना, बांके बिहारी हमे भूल ना जाना ॥ जपते रहे हम नाम तुम्हारा, छूटे कभी
