
घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है – भजन (Ghanshyam Teri Bansi Pagal Kar Jaati Hai)
घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है, मुस्कान तेरी मोहन, घायल कर जाती है ॥ घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है, मुस्कान तेरी मोहन,

घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है, मुस्कान तेरी मोहन, घायल कर जाती है ॥ घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है, मुस्कान तेरी मोहन,

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम साँवरे की बंसी को बजने से काम राधा का भी श्याम वोतो

मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार, नजर तोहे लग जाएगी । तेरी सुरतिया पे मन मोरा अटका । प्यारा लागे तेरा पीला

श्यामा आन बसों वृन्दावन में, मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में । श्यामा रसते में बाग लगा जाना, फुल बीनुगी तेरी माला के लिए ।

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी, राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी, आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी, राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥ राधा

सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे, तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नम: ॥ श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥ हे नाथ नारायण…॥ पितु मात

नवजात शिशु के जन्म बधाई की खुशी में यह गीत, भजन भारत मे बहुत लोकप्रिय हैं! लल्ला की सुन के मै आयी, यशोदा मैया देदो
