
जन्माष्टमी भजन – ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी (Dhank Lai Yashoda Najar Lag Jayegi)
ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी कान्हा को तेरे नजर लग जाएगी । तेरे लला के घूँघर वाले बाल हैं, मोर मुकुट को नजर लग

ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी कान्हा को तेरे नजर लग जाएगी । तेरे लला के घूँघर वाले बाल हैं, मोर मुकुट को नजर लग

राधे राधे जपा करो, कृष्ण नाम रस पिया करो, राधे राधे जपा करों, कृष्ण नाम रस पिया करो ॥ राधा देगी तुमको शक्ति, मिलेगी तुमको

महिमा कही ना जाए, बाबा श्याम की, याद घनेरी आए, खाटू धाम की, ओ बाबा श्याम की, खाटू धाम की, मेरे घनश्याम की, महिमा कही

सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया । दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया ॥ एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल

हमने ब्रज के ग्वाले से, अपना दिल लगाया है, नींद भी गवाई है, चैन भी गवाया है, हमनें ब्रज के ग्वाले से, अपना दिल लगाया

सारी दुनिया में आनंद छायो, कान्हा को जन्मदिन आयो ॥ आई भादो की रेन कारी कारी, आई भादो की रेन कारी कारी, मथुरा में है

मदन गोपाल शरण तेरी आयो, चरण कमल की सेवा दीजै, चेरो करि राखो घर जायो, मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥ धनि-धनि मात पिता सुत
