
कभी भूलू ना.. मेरे राधा रमण – भजन (Kabhi Bhoolun Na Radha Raman Mere)
कभी भूलू ना कभी भूलू ना कभी भूलू ना याद तुम्हारी रटू तेरा नाम मैं साँझ सवेरे राधा रमण मेरे, राधा रमण राधा रमण मेरे,

कभी भूलू ना कभी भूलू ना कभी भूलू ना याद तुम्हारी रटू तेरा नाम मैं साँझ सवेरे राधा रमण मेरे, राधा रमण राधा रमण मेरे,

अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता, तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता । जबसे मिली है दया हमको इनकी, तो राहें बदल दी

तारा है सारा जमाना, श्याम हम को भी तारो । हम को भी तारो, श्याम हम को भी तारो ॥ हम ने सुना है, श्याम

संसार के लोगों से आशा ना किया करना, जब कोई ना हो अपना, श्री कृष्ण कहा करना । कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा जीवन के समुन्दर

महल को देख डरे सुदामा का रे भई मोरी राम मड़ईया कहाँ के भूप उतरे इत उत भटकत,चहुँ ओर खोजत मन में सोच करे का

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाला भजन। जन्मे अवध रघुरइया हो, सब

जन्माष्टमी, गरवा और नवजात शिशु के जन्म बधाई की खुशी में यह गीत/भजन भारत के गुजरात और उत्तर के राज्यों में बहुत लोकप्रिय हैं! आनंद
