
धन धन भोलेनाथ बॉंट दिये, तीन लोक – भजन (Dhan Dhan Bholenath Bant Diye Teen Lok)
धन धन भोलेनाथ बॉंट दिये, तीन लोक इक पल भर में । ऐसे दीनदयाल मेरे दाता, भरे खजाना पल भर में ॥ प्रथम वेद ब्रह्मा

धन धन भोलेनाथ बॉंट दिये, तीन लोक इक पल भर में । ऐसे दीनदयाल मेरे दाता, भरे खजाना पल भर में ॥ प्रथम वेद ब्रह्मा

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ॥ चली कांवड़ियों की टोली, सब भोले के हमजोली, गौमुख से गंगाजल वो लाने वाले हैं । भोले के

आग बहे तेरी रग में तुझसा कहाँ कोई जग में है वक़्त का तू ही तो पहला पहर तू आँख जो खोले तो ढाए कहर

बोले बोले रे जयकारा, जो बाबा का बोले, जय बजरंगी बोले, वो कभी ना डोले, जय बजरंगी बोलें, वो कभी ना डोले ॥ केसरी नंदन

बजरंग बाला बड़ा हो मतवाला, म्हे फेरा थारी माला, लागो हो मनभावना, आवो आवो नी, बालाजी म्हारे आंगणा ॥ सालासर सु दास पधारो, पूनरासर सु

सजा है प्यारा दरबार बाबा का, भक्तों ने मिलकर के किया है, श्रृंगार बाबा का, सजा हैं प्यारा दरबार बाबा का, लगे है न्यारा दरबार

मेरे बालाजी सरकार, के तो रंग निराले, दया द्रष्टि करते सब पर, मेहंदीपुर वाले है, मेरें बालाजी सरकार, के तो रंग निराले ॥ रूप रंग
