
जब जब मन मेरा घबराए – भजन (Jab Jab Man Mera Ghabraye)
जब मन मेरा घबराए, कोई राह नज़र ना आये, ये हाथ पकड़ कर मेरा, मुझे मंज़िल तक ले जाये, ये बाबा तो मेरा रखवाला है,

जब मन मेरा घबराए, कोई राह नज़र ना आये, ये हाथ पकड़ कर मेरा, मुझे मंज़िल तक ले जाये, ये बाबा तो मेरा रखवाला है,

वो नाव कैसे चले जिसका कोई खेवनहार ना हो, तेरा गुणगान कैसे करूँ जहाँ पर तेरा दीदार ना हो । बाबा तुम जो मिलगए, फूलों

दोहा: झोली में अब सांवरे, डाल दया की भीख, तेरे सिवा कोई नहीं, अब मेरे नज़दीक । आया हूँ मैं दरबार तुम्हारे, सारे जग से

ओ मोटे मोटे नैनन के तू , ओ मीठे मीठे बैनन के तू साँवरी सलोनी सूरत के तू , ओ प्यारी प्यारी मूरत के तू

काली कमली वाला मेरा यार है, मेरे मन का मोहन तु दिलदार है, तु मेरा यार है, मेरा दिलदार है ॥ मन मोहन मैं तेरा

दूर से आया बाबा धाम तेरे खाटू दूर से आया बाबा धाम तेरे खाटू दर्द ना कहूं मैं किसी से बस तो से बाटूं दर्द

लाखों महफिल जहाँ में यूँ तो, तेरी महफिल सी महफिल नहीं है ॥ स्वर्ग सम्राट हो या हो चाकर, तेरे दर पे है दर्ज़ा बराबर,
