
प्रभु मेरे मन को बना दे शिवाला – भजन (Prabhu Mere Mann Ko Banado Shivalay)
प्रभु मेरे मन को बना दे शिवाला, तेरे नाम की मैं जपूं रोज माला । अब तो मनोकामना है यह मेरी, जिधर देखूं आए नजर

प्रभु मेरे मन को बना दे शिवाला, तेरे नाम की मैं जपूं रोज माला । अब तो मनोकामना है यह मेरी, जिधर देखूं आए नजर

तेरा पल पल बीता जाए, मुख से जप ले नमः शिवाय। ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय॥ शिव शिव तुम हृदय से बोलो, मन मंदिर

हे शिव शम्भू नमस्तुभ्यं, हे गंगाधर नमस्तुभ्यं, महाकालम नमस्तुभ्यं, हे नंदीश्वर नमस्तुभ्यं, हे शिव शम्भु नमस्तुभ्यं, हे गंगाधर नमस्तुभ्यं ॥ नमस्ते सुरप्रिया धारम, नमस्ते युग

लाऊँ कहाँ से, भोलेनाथ तेरी भंगिया, ढूंढ ढूंढ मैं तो हार गया, मैं तो हार गया, मिली ना तेरी भंगिया, लाऊं कहाँ से, भोलेनाथ तेरी

श्री महाकाल ऐसा वरदान दो, गुणगान तुम्हारा सुनाता रहूं, संसार में जब जब जनम मिले, तो महाकाल नगरी में आता रहूं, श्री महाकाल ऐसा वरदान

हे त्रिपुरारी गंगाधरी, सृष्टि के आधार, शंकर किरपा करुणाकार, भोले किरपा करुणाकार ॥ शिव शंकर है नाम तिहारा, चंद्रशेखर शिव अगहारा, दानी महादानी शिव शंकर,

शिव शंकर डमरू धारी, है जग के आधार, तीनो लोक पे रहता है, उनका ही अधिकार, शिव शंकर डमरू धारीं, है जग के आधार ॥
