
मन धीर धरो घबराओ नहीं – भजन (Mann Dheer Dharo Ghabrao Nahin)
मन धीर धरो घबराओ नहीं, श्री राम मिलेंगे कहीं ना कहीं, भगवान मिलेंगे कहीं ना कहीं, श्री राम मिलेंगे कहीं ना कहीं, मन धीर धरों

मन धीर धरो घबराओ नहीं, श्री राम मिलेंगे कहीं ना कहीं, भगवान मिलेंगे कहीं ना कहीं, श्री राम मिलेंगे कहीं ना कहीं, मन धीर धरों

राम नाम जपते रहो, जब तक घट घट मे प्राण । राम भजो, राम रटो, राम साधो, राम राम ॥ राम की महिमा का, कोई

मैं भोला पर्वत का रै तू राणी महला की तेरी मेरी पार पड़ै ना बेशक लिखी पहला की तू भोला पर्वत का रे मैं रानी

अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे, तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥ हमारे लिए क्यों देर किए हो, हमारे लिए क्यों देर किए हो,

चाहे छाए हो बादल काले, चाहे पाँव में पड़ जाय छाले, चल रे कावड़िया शिव के धाम, चाहे आग गगन से बरसे, चाहे पानी को

महाकाल मेरी मंजिल, उज्जैन है ठिकाना, मैं गुलाम हूँ भोले का, मेरे साथ है जमाना, महांकाल मेरी मंजिल, उज्जैन है ठिकाना ॥ मेरा क्या बिगाड़

भक्तो का कल्याण करे रे, मेरा शंकर भोला, हर मुश्किल आसान करे रे, मेरा शंकर भोला, ओ मेरा शंकर भोला, ओ मेरा शम्भू भोला ॥
