
चित्रकूट के घाट-घाट पर, शबरी देखे बाट: भजन (Bhajan: Chitrakoot Ke Ghat Ghat Par Shabri Dekhe Baat)
चित्रकूट के घाट घाट पर, शबरी देखे बाट, राम मेरे आ जाओ, राम मेरे आ जाओ, चित्रकुट के घाट घाट पर, शबरी देखे बाट, राम

चित्रकूट के घाट घाट पर, शबरी देखे बाट, राम मेरे आ जाओ, राम मेरे आ जाओ, चित्रकुट के घाट घाट पर, शबरी देखे बाट, राम

पटना के घाट पर, हमहु अरगिया देब, हे छठी मइया, पटना के घाट पर, हमहु अरगिया देब, हे छठी मइया, हम ना जाइब दूसर घाट,

सत्संगति से प्यार करना सीखोजी जीवन का उद्धार करना सीखोजी सत्संगति से प्यार करना सीखोजी जीवन का उद्धार करना सीखोजी सत्संगति से प्यार करना सीखोजी

मुझे कौन जानता था, तेरी बंदगी से पहले, मैं बुझा हुआ दिया था, तेरी बंदगी से पहले ॥ मैं तो खाख था जरा सी, मेरी

निराले शम्भु को बिगड़ी, बना देना भी आता है ॥ श्लोक – गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु, गुरुर देवो महेश्वरः, गुरुर साक्षात परम ब्रह्म, तस्मै श्री

हे शिव शंकर भोले बाबा, मैं तेरे गुण गाऊं, ऐसा वर दे इन चरणों में, ऐसा वर दे इन चरणों में, सगरे जनम बिताऊं, हे

प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए जो बने विषयों के प्रेमी उनको रोना चाहिए मखमली गद्दे पे सोये ऐश और आराम से
