
भवानी मुझें दर पे बुलाती रहियो: भजन (Bhawani Mujhe Dar Pe Bulati Rahiyo)
भवानी मुझे दर पे बुलाती रहियो, मैया जी मुझे दर पे बुलाती रहियो, भवानी मुझें दर पे बुलाती रहियो ॥ ये दुनिया एक भूल भुलैया,

भवानी मुझे दर पे बुलाती रहियो, मैया जी मुझे दर पे बुलाती रहियो, भवानी मुझें दर पे बुलाती रहियो ॥ ये दुनिया एक भूल भुलैया,

घर में आओ लक्ष्मी माता, आओ पधारो श्री गणराजा । घर में आओ लक्ष्मी माता, आओ पधारो श्री गणराजा ॥ दीवाली का त्यौहार आया, हमने

माँ का है जगराता, माँ को आज मनाएंगे, जय माता दी बोल के, सब जयकारे लाएंगे ॥ दिन आज खुशी का आया है, माँ का

राम नवमी सुहानी मन भावनी, राम जी को संग लेके आई, राम जनम पर धरती को अम्बर, राम जनम पर धरती को अम्बर, भेजे रे

राम भक्त ले चला रे, राम की निशानी ॥ चौपाई – प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि, सादर भरत शीश धरी लीन्ही ॥ राम भक्त ले

श्री राम तेरी महिमा से, काम हो गया है, मंदिर बनेगा रास्ता, आसान हो गया, श्री राम तेरी महिमा से, काम हो गया है ॥

भज गोविन्दम् भज गोविन्दम्, गोविन्दं भज मूढ़मते। संप्राप्ते सन्निहिते काले, न हि न हि रक्षति डुकृञ् करणे॥१॥ मूढ़ जहीहि धनागमतृष्णाम्, कुरु सद्बुद्धिमं मनसि वितृष्णाम्। यल्लभसे
