
बाबा गोरखनाथ आरती (Baba Goraknath Aarti)
जय गोरख देवा,जय गोरख देवा ।कर कृपा मम ऊपर,नित्य करूँ सेवा ॥शीश जटा अति सुंदर,भाल चन्द्र सोहे ।कानन कुंडल झलकत,निरखत मन मोहे ॥ गल सेली

जय गोरख देवा,जय गोरख देवा ।कर कृपा मम ऊपर,नित्य करूँ सेवा ॥शीश जटा अति सुंदर,भाल चन्द्र सोहे ।कानन कुंडल झलकत,निरखत मन मोहे ॥ गल सेली

आरती बाल कृष्ण की कीजै,अपना जन्म सफल कर लीजै ॥ श्री यशोदा का परम दुलारा,बाबा के अँखियन का तारा ।गोपियन के प्राणन से प्यारा,इन पर

आरती युगलकिशोर की कीजै ।तन मन धन न्योछावर कीजै ॥गौरश्याम मुख निरखन लीजै ।हरि का रूप नयन भरि पीजै ॥ रवि शशि कोटि बदन की

सत्य, सनातन, सुंदर,शिव! सबके स्वामी ।अविकारी, अविनाशी,अज, अंतर्यामी ॥ॐ हर हर हर महादेव..॥आदि अनंत, अनामय,अकल, कलाधारी ।अमल, अरूप, अगोचर,अविचल अघहारी ॥ॐ हर हर हर महादेव..॥

ॐ जय गंगाधर जय हर,जय गिरिजाधीशा ।त्वं मां पालय नित्यं,कृपया जगदीशा ॥ॐ हर हर हर महादेव ॥कैलासे गिरिशिखरे,कल्पद्रुमविपिने ।गुंजति मधुकरपुंजे,कुंजवने गहने ॥ॐ हर हर हर

जय पार्वती माता,जय पार्वती माताब्रह्मा सनातन देवी,शुभ फल की दाता ।॥ जय पार्वती माता… ॥अरिकुल कंटक नासनि,निज सेवक त्राता,जगजननी जगदम्बा,हरिहर गुण गाता ।॥ जय पार्वती

ॐ जय कलाधारी हरे,स्वामी जय पौणाहारी हरे,भक्त जनों की नैया,दस जनों की नैया,भव से पार करे,ॐ जय कलाधारी हरे ॥बालक उमर सुहानी,नाम बालक नाथा,अमर हुए
