
संकटा माता आरती (Sankata Mata Aarti)
जय जय संकटा भवानी,करहूं आरती तेरी ।शरण पड़ी हूँ तेरी माता,अरज सुनहूं अब मेरी ॥जय जय संकटा भवानी..॥नहिं कोउ तुम समान जग दाता,सुर-नर-मुनि सब टेरी

जय जय संकटा भवानी,करहूं आरती तेरी ।शरण पड़ी हूँ तेरी माता,अरज सुनहूं अब मेरी ॥जय जय संकटा भवानी..॥नहिं कोउ तुम समान जग दाता,सुर-नर-मुनि सब टेरी

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको ।दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको ।हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको ।महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको ॥जय देव जय

जय हो जय जय है गौरी नंदनदेवा गणेशा गजाननचरणों को तेरे हम पखारतेहो देवा आरती तेरी हम उतारतेशुभ कार्यो में सबसे पहलेतेरा पूजन करतेविघ्न हटाते

ओम जय गौरी नन्दन, प्रभु जय गौरी नंदनगणपति विघ्न निकंदन, मंगल नि:स्पन्दनओम जय गौरी नन्दन प्रभु जय गौरी नंदनऋषि सिद्धियाँ जिनके, नित ही चवर करेकरिवर

ॐ जय श्री राणी सती माता,मैया जय राणी सती माता ।अपने भक्त जनन की,दूर करन विपत्ती ॥ॐ जय श्री राणी सती माता,मैया जय राणी सती

जय जय जय रविदेव,जय जय जय रविदेव ।रजनीपति मदहारी,शतलद जीवन दाता ॥पटपद मन मदुकारी,हे दिनमण दाता ।जग के हे रविदेव,जय जय जय स्वदेव ॥ नभ

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ।सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥॥ जय जय श्री शनिदेव..॥श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी ।नीलाम्बर धार नाथ
