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जाम्भोजी के बारे में

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निर्माण कालीन समराथल ……..समराथल कथा भाग 16 निर्माण कालीन समराथल ……..समराथल कथा भाग 16 हमारे समाज के जिन महानुभावों ने साठ वर्ष को पार कर दिया है वे अब भी हमें बता रहे हैं कि संवत् 2000 से पूर्व हम लोग अमावस्या को हवन करने के लिये सम्भराथल…

संत साहित्य ..(:- समराथल कथा भाग 15 🙂 समराथल कथा साहित्य के क्षेत्र में गुरु जम्भेश्वर जी के कुछ ही वर्षों के पश्चात् संत शिरोमणि वील्होजी का आगमन होता है। उन्होनें साहित्य का निर्माण करते हुए समाज सुधार का बीड़ा उठाया था। उस कार्य के लिये जोधपुर राजा से सहायता…

श्री गुरु जम्भेश्वर से उतरकालिन समराथल …….(-: समराथल कथा भाग 14:-) समराथल वि. सं. 1508 भादव कृष्ण अष्टमी के समय इस मरूभूमि में जम्भेश्वर अवतार से लेकर सं. 1593 मिगसर कृष्ण नवमी तक अबाध गति से जम्भेश्वर जी ने इस सम्भराथल पर अधिक समय तक निवास किया था तथा अन्त…

गुरू आसन समराथले —- समराथल कथा भाग 11 समराथल कथा भाग 11 परम पवित्र प्रकृति की छटा को निहारते हुए जम्भदेव जी हरि ककड़ी के नीचे उसी बालुकामय आसन पर विराजमान होकर सदा ध्यान मग्न रहा करते थे तथा कुछ समय तक समाधिस्थ…

सोवन नगरी समराथल सोवन नगरी समराथल पूरब देश के रहने वाले व्यापारी बिश्नोई एक बार व्यापार करने के लिये चित्तौड़ की राजधानी में प्रवेश किया था। वहां पर प्रवेश करते ही राज्य…

योगीनाथ साधुओं का सम्भराथल आगमन सम्भराथल आगमन उस समय मरुभूमि में नाथ सम्प्रदाय के साधुओं का बाहुल्य था तथा अन्य भी वैष्णव, संन्यासी भी यत्र-तत्र निवास किया करते थे। ये सभी लोग कुछ तो जो अपने को सिद्ध मानते थे वे तो परीक्षार्थ आते थे तथा कुछ लोग ज्ञान श्रवणार्थ…

समराथल कथा भाग 8 समराथल कथा गुरु जम्भेश्वर जी सम्भराथल पर विराजमान होकर सदुपदेश द्वारा आगन्तुक जनों को पवित्र मानवता के धर्म से ओत-प्रोत कर रहे थे। उनकी वाणी में ऐसी दिव्य शक्ति थी जो किसानों द्वारा अबाध गति से हृदय स्थान तक पहुंच करके अन्त:करण को पवित्र करके हृदय…