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जाम्भोजी के बारे में

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भूतों की गति करना(भटकी हुई आत्माओं को जाम्भोजी ने मोक्ष की प्राप्ति दिलाई) भूतों की गति करना(भटकी हुई आत्माओं को जाम्भोजी ने मोक्ष की प्राप्ति दिलाई) समराथल पर विराजमान श्रीदेवी के पास आये हुए मेरठ के राजा आशकरण एवं खेतसी ब्राह्मण हवाला ने अमावस्या कथा का विवरण पूछा था।…

नौरंगी को भात भरना नौरंगी को भात भरना नाथोजी उवाचः- हे वील्ह। एक समय सम्भराथल पर श्रीदेवी विराजमान थे। उनको रोमांचित देखकर हम लोगों ने पूछा हे देवजी। आज किस जीव के भाग खुले हैं? सदा ही आनन्द में रहने वाले श्रीदेवी ने बतलाया- रोट्र गांव में एक भक्तिमती…

दुदोजी को परचा देना दुदोजी को परचा देना जम्भेश्वर जी ग्वाल बालों के साथ गऊ आदि पशु धन को लेकर वन से लौट आये थे। बालक वहीं जंभेश्वर जी के पास खेल रहे थे। क्योंकि गऊ आदि पशुओं को पानी पिलाने का कार्य जाम्भोजी के ही अधीन था।…

भुवा तांतू को शब्दोपदेश भुवा तांतू को शब्दोपदेश लोहटजी की छोटी बहन जो ननेऊ गाँव में विवाहित थी एक दिन अपने भतीजे को देखने हेतु पीपासर चली आयी। जाम्भोजी उस समय गायें चराते थे। जब जाम्भोजी पलने में थे तब पहली बार देखा था अब तो गायें चराते हुए…

लोहट-हांसा को अन्तिम उपदेश लोहट-हांसा को जाम्भोजी का अंतिम उपदेश वील्होजी ने पूछा- हे गुरुदेव! आपके श्रीमुख से गुरु जाम्भोजी द्वारा गायें चराने की कथा मैनें सुनी,कब तक गउवें चराते रहे ? लोहट हांसा की आयु भी तब तक अन्त को प्राप्त हो गयी होगी उन्होनें कब शरीर का…

बिन बादल प्रभु इमिया झुराये : जम्भेश्वर भगवान बिना बादलों के वर्षा कराई जम्भेश्वर भगवान बिना बादलों के वर्षा कराई एक समय श्री गुरु जम्भेश्वर जी ग्वाल बालों के साथ वन में गऊयें चराते थे साथ में अनेक बालक गायें आदि पशुधन भी आनन्द से वन में विचरण कर…

          जांगलू की कंकेड़ी धाम (Jangloo Dham) जांगलू की कंकेहड़ी धाम (Jangloo Dham) नाथोजी कहते हैं- हे वील्हा! तुम्हारे यहां इस मंच में सम्मिलित होने से पूर्व, अभी ही कुछ दिनों की बात है कि गांव जांगलू की बरसिंगवाला तालाब के पास ही ककेहड़ी वृक्ष के…