तुम शरणाई आया ठाकुर – शब्द कीर्तन (Tum Sharnai Aaya Thakur)

jambh bhakti logo

तुम शरणाई आया ठाकुर
तुम शरणाई आया ठाकुर ॥

उतरि गइओ मेरे मन का संसा,
जब ते दरसनु पाइआ ॥
तुम शरणाई आया ठाकुर

अनबोलत मेरी बिरथा जानी
अपना नामु जपाइआ ॥
तुम शरणाई आया ठाकुर

दुख नाठे सुख सहजि समाए,
अनद अनद गुण गाइआ ॥
तुम शरणाई आया ठाकुर

बाह पकरि कढि लीने अपुने,
ग्रिह अंध कूप ते माइआ ॥
तुम शरणाई आया ठाकुर

क्षिप्रा के तट बैठे है, मेरे भोले भंडारी: भजन (Shipra Ke Tat Baithe Hai Mere Bhole Bhandari)

अर्जी सुनकर मेरी मैया, घर में मेरे आई: भजन (Arji Sunkar Meri Maiya Ghar Mein Mere Aayi)

चित्रगुप्त चालीसा (Chitragupt Chalisa)

कहु नानक गुरि बंधन काटे,
बिछुरत आनि मिलाइआ ॥
तुम शरणाई आया ठाकुर

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment