भजन: सालासर में जिसका, आना जाना हो गया (Salasar Mein Jiska, Aana Jana Ho Gaya)

jambh bhakti logo

सालासर में जिसका,
आना जाना हो गया,
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया,
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया ॥

जा के दरबार में,
जो शीश झुकाते हैं,
बालाजी दयालु उन्हें,
गले से लगाते हैं,
जिसका मेरे बाबा से,
याराना हो गया,
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया,
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया ॥

प्यार का खजाना,
बालाजी का भरपूर है,
प्रेम को लुटाने में,
ये बड़े मशहूर है,
जो भी इनसे जाना,
पहचाना हो गया,
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया,
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया ॥

बाबा के दीवाने की तो,
बात निराली है,
बाबा की कृपा से,
मोहन मुरली की दीवानी है,
जिनका उनके चरणों में,
ठिकाना हो गया,
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया,
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया ॥

सीता राम, सीता राम, सीताराम कहिये - भजन (Sita Ram Sita Ram Sita Ram Kahiye)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 8 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 8)

मोको कहां ढूंढे रे बंदे - भजन (Moko Kahan Dhunde Re Bande)

सालासर में जिसका,
आना जाना हो गया,
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया,
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया ॥

Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment