सखि चलो नंद के द्वार – भजन (Sakhi Chalo Nand Ke Dwar)

jambh bhakti logo

सखि चलो नंद के द्वार,
ओ द्वार,
लाला के दर्शन कर आवें,
लाला के दर्शन कर आवें ॥

यशोदा ने लाला जायो है,
यशोदा ने लाला जायो है,
घर-घर में आनंद छायो है,
घर-घर में आनंद छायो है,
सब भक्तन के मन भायो है,
सब भक्तन के मन भायो है,
मिल गाओ मंगलाचार,
ओ चार,
लाला के दर्शन कर आवें,
लाला के दर्शन कर आवें ॥

भयौ चंद्रवंश उजियारौ है,
भयौ चंद्रवंश उजियारौ है,
मिट गयौ दुखद अँधियारौ है,
मिट गयौ दुखद अँधियारौ है,
आज जागौ भाग हमारौ है,
आज जागौ भाग हमारौ है,
मिल्यौ आज जन्म कौ सार,
ओ सार,
लाला के दर्शन कर आवें,
लाला के दर्शन कर आवें ॥

जो मिलौ नहीं सुख त्रिभुवन में,
जो मिलौ नहीं सुख त्रिभुवन में,
वो विखर रह्यौ ब्रज गलियां में,
वो विखर रह्यौ ब्रज गलियां में,
मच रही लूट ब्रज रसिकन में,
मच रही लूट ब्रज रसिकन में,
लुट गयौ कुंवर मझधार,
ओ धार,
लाला के दर्शन कर आवें,
लाला के दर्शन कर आवें ॥

श्री सूर्य देव - जय जय रविदेव (Shri Surya Dev - Jai Jai Ravidev)

धर्मराज युधिष्ठिर कथा भाग 7

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 2 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 2)

सखि चलो नंद के द्वार,
ओ द्वार,
लाला के दर्शन कर आवें,
लाला के दर्शन कर आवें ॥

आरती कुंजबिहारी की | आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन | श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं | आरती श्री बाल कृष्ण जी की | ॐ जय जगदीश हरे | मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं | कृष्ण भजन | अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं | श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment