सभकेर सुधि अहाँ लै छी हे अम्बे
हमरा किए बिसरै छी हे
थिकहुँ पुत्र अहींकेर जननी
से तऽ अहाँ जनै छी हे
एहन निष्ठुर किए अहाँ भेलहुँ
कनिको दृष्टि नहि दै छी हे
क्षण-क्षण पल-पल ध्यान करै छी
नाम अहींकेर जपै छी हे
रैनि-दिवस हम ठाढ़ रहै छी
दर्शन बिनु तरसै छी हे
छी जगदम्बा, जग अवलम्बा
तारिणि तरणि बनै छी हे
देवता भी स्वार्थी थे, दौड़े अमृत के लिए - भजन (Dewata Bhi Swarthi The, Daude Amrat Ke Liye)
गजानंद महाराज पधारो कीर्तन की तैयारी है: भजन (Gajanand Maharaj Padharo Kirtan Ki Taiyari Hai)
नौरता की रात मैया, गरबे रमवा आणो है: भजन (Norta ki Raat Maiya Garba Rambwa Aano Hai)
हमरा बेरि किए ने तकै छी
पापी जानि ठेलै छी हे
सभ के सुधि अहाँ लै छी हे अम्बे
Post Views: 313








