पकड़ लो बाँह रघुराई,
नहीं तो डूब जाएँगे ।
डगर ये अगम अनजानी,
पथिक मै मूड अज्ञानी ।
संभालोगे नही राघव,
तो कांटे चुभ जाएँगे ।
पकड़ लो बाँह रघुराई,
नहीं तो डूब जाएँगे ।
नहीं बोहित मेरा नौका,
नहीं तैराक मै पक्का ।
कृपा का सेतु बंधन हो,
प्रभु हम खूब आएँगे ।
पकड़ लो बाँह रघुराई,
नहीं तो डूब जाएँगे ।
नहीं है बुधि विधा बल,
माया में डूबी मती चंचल ।
निहारेंगे मेरे अवगुण तो,
प्रभु जी ऊब जाएँगे ।
पकड़ लो बाँह रघुराई,
नहीं तो डूब जाएँगे ।
मैया तुमको मनावे तेरे भक्त रे: भजन (Maiya Tumko Manave Tere Bhakt Re)
पितृ गायत्री मंत्र (Pitra Gaytri Mantra)
Ashadha Sankashti Ganesh Chaturthi Vrat Katha (Ashadha Sankashti Ganesh Chaturthi Vrat Katha)
प्रतीक्षारत है ये आँगन,
शरण ले लो सिया साजन ।
शिकारी चल जिधर प्रहलाद,
जी भूल जाएँगे ।
पकड़ लो बाँह रघुराई,
नहीं तो डूब जाएँगे ।
नहीं तो डूब जाएँगे,
नहीं तो डूब जाएँगे ।








