मुझ पर भी दया की कर दो नज़र,
ऐ श्याम सुंदर. ऐ मुरलीधर ।
कुछ दीनों के दुःख की ले लो खबर,
ऐ श्याम सुंदर ऐ मुरलीधर ।
आरत जन तुमको पुकार रहे हैं,
आने की बाट निहार रहे हैं ।
सिर छिपा के यहाँ बैठे नटवर,
ऐ श्याम सुंदर ऐ मुरलीधर ।
मुझ पर भी दया की कर दो नज़र,
ऐ श्याम सुंदर. ऐ मुरलीधर ।
ब्रजबाला व्याकुल रहती है,
ग्वालों की टोली कहती है ।
कब आओगे कान्हा कुँवर बनकर,
ऐ श्याम सुंदर ऐ मुरलीधर ।
मुझ पर भी दया की कर दो नज़र,
ऐ श्याम सुंदर. ऐ मुरलीधर ।
जिस बंसी ने प्रेमप्रकाश किया,
रसदायक रास बिलास किया ।
बज जाए वही बंसी घर-घर,
ऐ श्याम सुंदर ऐ मुरलीधर ।
मुझ पर भी दया की कर दो नज़र,
ऐ श्याम सुंदर. ऐ मुरलीधर ।
तेरा जग है करें गुणगान, गजानन लम्बोदर: भजन (Tera Jag Hai Kare Gunagaan Gajaanan Lambodar)
खेजड़ली में 363 स्त्री पुरुष का बलिदान
श्री चित्रगुप्त स्तुति (Shri Chitragupt Stuti)
बिसरा दो इन्हें या सम्हालो इन्हें,
ठुकरा दो चाहे अपना लो इन्हें ।
दृग बिन्दु हैं आपके पेशे नज़र,
ऐ श्याम सुंदर ऐ मुरलीधर ।
मुझ पर भी दया की कर दो नज़र,
ऐ श्याम सुंदर. ऐ मुरलीधर ।
मुझ पर भी दया की कर दो नज़र,
ऐ श्याम सुंदर. ऐ मुरलीधर ।
कुछ दीनों के दुःख की ले लो खबर,
ऐ श्याम सुंदर ऐ मुरलीधर ।








