मेरा हाथ पकड़ ले रे,
कान्हा दिल मेरा घबराये,
काले काले बादल,
गम के बादल,
सिर पे मेरे मंडराये,
॥ मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा…॥
अगर मेरे वश में,
होता कन्हैया,
तो पार लगाता मैं,
खुद अपनी नैया,
यहाँ वहाँ रखूं,
जहाँ जहाँ रखूं,
पाँव फिसलता जाये,
॥मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा..॥
अगर आना है तो,
आजा कन्हैया,
पार लगा जा,
बन के खिवैया,
धीरे धीरे करके,
थोड़ा थोड़ा करके,
वक्त गुजरता जाये रे,
॥मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा..॥
नहीं आना हो तो,
खबर भेजे देंना,
हालत उठाकर,
नज़र देख लेना,
कही ऐसा ना हो,
तेरे भरोसे,
बनवारी रह जाये रे,
॥मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा..॥
मेरा हाथ पकड़ ले रे,
कान्हा दिल मेरा घबराये,
काले काले बादल,
गम के बादल,
सिर पे मेरे मंडराये रे,
॥मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा..॥
साखी - आओ मिलो साधो ओमलो,परम भक्त प्रहलाद,जीव के काजे जुमले जाईये
धनवानों का मान है जग में.. (Dhanawanon Ka Mann Hai Jag Mein)
गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra)
मेरा हाथ पकड़ ले रे,
कान्हा दिल मेरा घबराये,
काले काले बादल,
गम के बादल,
सिर पे मेरे मंडराये
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