माँगा है भोलेनाथ से,
वरदान एक ही,
तेरी कृपा बनी रहे,
जब तक है ज़िंदगी,
मांगा है भोलेनाथ से,
वरदान एक ही ॥
जिस पर तुम्हारा हाथ था,
वो पार हो गया,
जो भी शरण में आ गया,
उद्धार हो गया,
जिसने भरोसा कर लिया,
डूबा कभी नहीं,
तेरी कृपा बनी रहे,
जब तक है ज़िंदगी,
मांगा है भोलेनाथ से,
वरदान एक ही ॥
कोई समझ सका नहीं,
माया बड़ी अजीब,
चरणों में जो भी आ गया,
वो तो है खुशनसीब,
इसके तो मर्ज़ी के बिना,
पत्ता हीले नही,
तेरी कृपा बनी रहे,
जब तक है ज़िंदगी,
मांगा है भोलेनाथ से,
वरदान एक ही ॥
ऐसे दयालु बाबा से,
रिश्ता बनाइये,
मिलता रहेगा आपको,
जो कुछ भी चाहिए,
ऐसा करिश्मा होगा जो,
पहले हुआ नहीं,
तेरी कृपा बनी रहे,
जब तक है ज़िंदगी,
मांगा है भोलेनाथ से,
वरदान एक ही ॥
कहते है लोग जिंदगी,
किस्मत की बात है,
किस्मत बनाना भी मगर,
बाबा के हाथ है,
‘बनवारी’ करले तू यकीं,
ज्यादा समय नहीं,
तेरी कृपा बनी रहे,
जब तक है ज़िंदगी,
मांगा है भोलेनाथ से,
वरदान एक ही ॥
श्री शिवमङ्गलाष्टकम् (Shiv Mangalashtakam)
श्री जगन्नाथ आरती - चतुर्भुज जगन्नाथ (Shri Jagganath Aarti - Chaturbhuja Jagannatha)
माँगा है भोलेनाथ से,
वरदान एक ही,
तेरी कृपा बनी रहे,
जब तक है ज़िंदगी,
मांगा है भोलेनाथ से,
वरदान एक ही ॥








