कन्हैया दौडा आएगा – भजन (Kanhaiya Dauda Aayega)

jambh bhakti logo

अपने भगत की,
आँख में आँसू,
देख ना पाएगा,
जब जब भी श्याम दिवानों के,
सर पे संकट मंडराएगा,
कन्हैया दौड़ा आएगा,
अपने भगतों के लिए,
कुछ भी कर जाएगा,
कन्हैया दौडा आएगा ॥

जब दूर सवेरा हो,
घनघोर अंधेरा हो,
मेरे श्याम की आस लगाए जा,
तू छोड़ दे नैया को,
बस श्याम भरोसे पर,
बस श्याम नाम गुण गाये जा,
बनकर के माझी साँवरिया,
भव सागर पार करायेगा,
कन्हैया दौडा आएगा
कन्हैया दौडा आएगा ॥

हर एक मुसीबत ही,
खुद हल हो जाएगी,
जब मोरछड़ी लहरायेगा,
गोदी में बैठाकर के,
सीने से लगाकर के,
तेरे सिर पर हाथ फिरायेगा,
जितने भी अश्क बहे तेरे,
हर एक का मोल चुकाएगा,
कन्हैया दौडा आएगा
कन्हैया दौडा आएगा ॥

विश्वास की डोरी को,
तू थाम ले कस कर के,
बाँका ना होगा बाल तेरा,
साये सा ‘तरुण’ तेरे,
संग चलता जाएगा,
ये बनकर के रखवाल तेरा,
संकट पे संकट बनकर के,
मेरा श्याम स्वयं चढ़ जाएगा,
कन्हैया दौडा आएगा
कन्हैया दौडा आएगा ॥
BhaktiBharat Lyrics

आरती: श्री बाल कृष्ण जी (Aarti: Shri Bal Krishna Ki Keejen)

सबसे पहले मनाऊ गणराज, गजानंद आ जइयो: भजन (Sabse Pahle Manau Ganraj Gajanand Aa Jaiyo)

दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी: भजन (De Do Anguthi Mere Prano Se Pyari)

अपने भगत की,
आँख में आँसू,
देख ना पाएगा,
जब जब भी श्याम दिवानों के,
सर पे संकट मंडराएगा,
कन्हैया दौड़ा आएगा,
अपने भगतों के लिए,
कुछ भी कर जाएगा,
कन्हैया दौडा आएगा ॥

आरती कुंजबिहारी की | आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन | श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं | आरती श्री बाल कृष्ण जी की | ॐ जय जगदीश हरे | मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं | कृष्ण भजन | अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं | श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment