जिस दिल में आपकी याद रहे
प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो
राही न सही मंजिल की तरफ
राही की तरफ मंजिल करदो
मन में भी अनेक विकारों ने
डटकर के डेरा डाल लिया
इस छल मन से यदि प्रेम है तो
जन मन का मन निर्मल करदो
जिस दिल में आपकी याद रहे
प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो
पाकर मैं आपकी भक्ति प्रभु
वह थे जो झूमते मस्ती में
करुणा करके राजेश को भी प्रभु
उन मस्तों में शामिल कर दो
जिस दिल में आपकी याद रहे
प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो
रंगलो अपने रंग में मुझको
जिससे न कुसंग का रंग चढ़े
दुनिया के प्रेम में पागल हूँ
अपना करके पागल करदो
जिस दिल में आपकी याद रहे
प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो
हम को मन की शक्ति देना - प्रार्थना (Hum Ko Mann Ki Shakti Dena)
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