जीमो जीमो साँवरिया थे,
आओ भोग लगाओ जी,
बाँसुरिया की तान सुनाता,
छम छम करता आओ जी,
जीमो जीमो साँवरिया थे,
आओ भोग लगाओ जी ॥
माखन मिश्री मेवा मोदक,
मनचाया मिष्ठान जी,
रसगुल्ला रस भरी जलेबी,
छप्पन रस पकवान जी,
पूड़ी कचौड़ी खट्टी मीठी,
पूड़ी कचौड़ी खट्टी मीठी,
चटनी चाख बताओ जी,
जीमो जीमो सांवरिया थे,
आओ भोग लगाओ जी ॥
जो कुछ भी है आप री किरपा,
मेरी के औकात जी,
देवणीया थे लेवणिया मैं,
सिमरा दिन और रात जी,
दीनानाथ दयालु भगवन,
दीनानाथ दयालु भगवन,
आओ बैगा आओ जी,
जीमो जीमो सांवरिया थे,
आओ भोग लगाओ जी ॥
लहरी भाव भरोसो पुरो,
राखो माथे हाथ जी,
बरसाओ सांवरिया अब तो,
अमृत की बरसात जी,
सेवा में कोई भूल-चूक हो,
सेवा में कोई भूल-चूक हो,
सांवरिया बिसराओ जी,
जीमो जीमो सांवरिया थे,
आओ भोग लगाओ जी ॥
तारा है सारा जमाना, श्याम हम को भी तारो - भजन (Tara Hai Sara Zamana, Shyam Hamko Bhi Taro)
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 7 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 7)
हार के आया मैं जग सारा (Haare Ka Sahara Mera Shyam)
जीमो जीमो साँवरिया थे,
आओ भोग लगाओ जी,
बाँसुरिया की तान सुनाता,
छम छम करता आओ जी,
जीमो जीमो साँवरिया थे,
आओ भोग लगाओ जी ॥