जरा इतना बता दे कान्हा, कि तेरा रंग काला क्यों – भजन (Jara Etna Bata De Kanha Tera Rang Kala Kyo)

jambh bhakti logo

जरा इतना बता दे कान्हा,
कि तेरा रंग काला क्यों ।

श्लोक- श्याम का काला बदन,
और श्याम घटा से काला,
शाम होते ही,
गजब कर गया मुरली वाला ॥

जरा इतना बता दे कान्हा,
कि तेरा रंग काला क्यों,
तु काला होकर भी जग से,
इतना निराला क्यों ॥

मैंने काली रात में जन्म लिया,
और काली गाय का दूध पीया,
कजरे का रंग भी काला,
कमली का रंग भी काला,
इसी लिए मै काला ॥

सखी रोज़ ही घर में बुलाती है,
और माखन बहुत खिलाती है,
सखिओं का दिल भी काला,
इसी लिए मै काला ॥

मैंने काले नाग पर नाच किया,
और काले नाग को नाथ लिया,
नागों का रंग भी काला,
यमुना का रंग भी काला,
इसी लिए मै काला ॥

जांभोजि द्वारा किए गए प्रश्न बिश्नोई समाज के बारे में?

तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार: भजन (Tera Ramji Karenge Bera Paar)

अहोई अष्टमी और राधाकुण्ड से जुड़ी कथा (Ahoi Ashtami And Radhakund Katha)

सावन में बिजली कड़कती है,
बादल भी बहुत बरसतें है,
बादल का रंग भी काला,
बिजली का रंग भी काला,
इसी लिए मै काला ॥

सखी नयनों में कजरा लगाती है,
और नयनों में मुझे बिठाती है,
कजरे का रंग भी काला,
नयनों का रंग भी काला,
इसी लिए मै काला ॥

जरा इतना बता दें कान्हा,
कि तेरा रंग काला क्यों,
तु काला होकर भी जग से,
इतना निराला क्यों ॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment