हे महाशक्ति हे माँ अम्बे,
तेरा मंदिर बड़ा ही प्यारा है ॥
सारी दुनिया एक बगिया है,
हम सब बगिया के फुल यहाँ,
इस बगिया की माँ है माली,
हर फुल ही माँ को प्यारा है,
हे महाशक्ति हे मां अम्बे,
तेरा मंदिर बड़ा ही प्यारा है ॥
कोई कष्ट नहीं उसको आता,
जो माँ का सुमिरण करता है,
साया बनकर उस प्राणी को,
माँ देती सदा सहारा है,
हे महाशक्ति हे मां अम्बे,
तेरा मंदिर बड़ा ही प्यारा है ॥
अपने भक्तो से दाती कभी,
पलभर भी दूर नहीं होती,
दौड़ी दौड़ी आती है माँ,
जिसने भी मन से पुकारा है,
हे महाशक्ति हे मां अम्बे,
तेरा मंदिर बड़ा ही प्यारा है ॥
अपने जीवन की डोरी को,
अब सौंप दो ‘शर्मा’ दाती को,
ना जाने कितनो को माँ ने,
भवसागर पार उतारा है,
हे महाशक्ति हे मां अम्बे,
तेरा मंदिर बड़ा ही प्यारा है ॥
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हे महाशक्ति हे माँ अम्बे,
तेरा मंदिर बड़ा ही प्यारा है ॥
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