हे गणनायक जय सुखदायक,
जय गणपति गणराज रे,
गणपति नमः गणपति नमः,
गणपति नमः गणपति नमः ॥
शंकर सुवन भवानी के नंदन,
गौरी पुत्र गणेश, गौरी पुत्र गणेश,
जो कोई मानव तुझको ध्यावे,
मिट जाए सब क्लेश,
विघ्नविनायक कष्टनिवारक,
हे गणपति गणराज रे,
गणपति नमः गणपति नमः,
गणपति नमः गणपति नमः ॥
लम्बोदर गजवदनविनायक,
मन में करो बसेरा, मन में करो बसेरा,
दर्शन पाकर तुम्हरा दाता,
हो जाए दूर अँधेरा,
ऐसी शक्ति दे दो मुझको,
जपते रहे तेरा नाम रे,
गणपति नमः गणपति नमः,
गणपति नमः गणपति नमः ॥
गौरी के तुम पुत्र कहाओ,
मूषक वाहन सवारी, मूषक वाहन सवारी,
भरी सभा में आज तू भगवन,
राखो लाज हमारी,
भक्तन के तुम हो रखवारे,
पुरे करो सब काम रे,
गणपति नमः गणपति नमः,
गणपति नमः गणपति नमः ॥
राजा लूणकरण एवं महमद खां तथा समराथल ....भाग 6
शंकर तेरी जटा से बहती है गंग धारा - भजन (Shankar Teri Jata Se Behti Hai Gang Dhara)
हे गणनायक जय सुखदायक,
जय गणपति गणराज रे,
गणपति नमः गणपति नमः,
गणपति नमः गणपति नमः ॥








