भगवन चौदह बरस वन वास,
भगवन लौट अयोध्या आए ।
भगवन चौदह बरस वन वास,
भगवन लौट अयोध्या आए ।
वो बागन-बागन आए,
और सूखे बाग हरियाए
वो बागन-बागन आए,
और सूखे बाग हरियाए
मालिन पैरन परि-परि जाए
भगवन लौट अयोध्या आए ।
मालिन पैरन परि-परि जाए
भगवन लौट अयोध्या आए ।
भगवन चौदह बरस वन वास,
भगवन लौट अयोध्या आए ।
वो तालन-तालन आए,
और सूखे ताल भ रिआए ।
वो तालन-तालन आए,
और सूखे ताल भ रिआए ।
धोविन पैरन परि-परि जाए,
भगवन लौट अयोध्या आए ।
धोविन पैरन परि-परि जाए,
भगवन लौट अयोध्या आए ।
भगवन चौदह बरस वन वास,
भगवन लौट अयोध्या आए ।
वो कुअटन-कुअटन आए,
और सूखे कुंआ भारियाए ।
वो कुअटन-कुअटन आए,
और सूखे कुंआ भारियाए ।
राजी राजी राखो बाबा, फिर थारे दर पे आवा जी: भजन (Raaji Raaji Rakho Baba Fir Thare Dar Pe Aawa Ji)
योगीनाथ साधुओं का सम्भराथल आगमन। भाग 9
गौरी के लाल तुमको, सादर नमन हमारा: भजन (Gauri Ke Lal Tumko Sadar Naman Hamara )
शक्किन पैरन परि-परि जाए,
भगवन लौट अयोध्या आए ।
शक्किन पैरन परि-परि जाए,
भगवन लौट अयोध्या आए ।
भगवन चौदह बरस वन वास,
भगवन लौट अयोध्या आए ।
वो महलन-महलन आए,
और खंडर महल चिनियाए ।
वो महलन-महलन आए,
और खंडर महल चिनियाए ।
रानी पैरन परि-परि जाए,
भगवन लौट अयोध्या आए।
रानी पैरन परि-परि जाए,
भगवन लौट अयोध्या आए।
भगवन चौदह बरस वन वास,
भगवन लौट अयोध्या आए ।
भगवन चौदह बरस वन वास,
भगवन लौट अयोध्या आए ।








