लूटरू महादेव जय जय,
लुटरू महादेव जी,
लूटूरू महादेव चलो,
लूटूरु महादेव जी,
सारी दुनियां ध्याए,
गाए गुण महादेव जी,
लुटरू महादेव चलो,
लूटरु महादेव जी ॥
तुम सा ना कोई जग में है दाता,
जो दर जाता है सब कुछ पाता,
झोली भर के लाता,
भाता लुटरू महादेव जी,
लूटरू महादेव जय जय,
लुटरू महादेव जी,
लूटरू महादेव चलों,
लूटरु महादेव जी ॥
है गुफा का गज़ब नज़ारा,
बाबा भारती जी ने हाथों से श्रृंगारा,
देते हैं सहारा,
मार सुटा महादेव जी,
लूटरू महादेव जय जय,
लुटरू महादेव जी,
लूटरू महादेव चलों,
लूटरु महादेव जी ॥
मेरी भी बाबा अब करो सुनवाई,
है कष्ट बहुत नहीं लगती दवाई,
बनेंगे सहाई,
‘ओम सैन’ महादेव जी,
लूटरू महादेव जय जय,
लुटरू महादेव जी,
लूटरू महादेव चलों,
लूटरु महादेव जी ॥
दर्शन को ‘अभिजीत’ है आया,
दिल की मुरादें साथ में लाया,
भजन सुनाया,
पाया वर महादेव जी,
लूटरू महादेव जय जय,
लुटरू महादेव जी,
लूटरू महादेव चलों,
लूटरु महादेव जी ॥
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 25 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 25)
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लूटरू महादेव जय जय,
लुटरू महादेव जी,
लूटूरू महादेव चलो,
लूटूरु महादेव जी,
सारी दुनियां ध्याए,
गाए गुण महादेव जी,
लुटरू महादेव चलो,
लूटरु महादेव जी ॥








