आदि अंत मेरा है राम,
उन बिन और सकल बेकाम ॥
कहा करूं तेरा बेद पुराना,
जिन है सकल जगत भरमाना ॥
कहा करूं तेरी अनुभै बानी,
जिनमें तेरी सुद्धि भुलानी ॥
कहा करूं ये मान बड़ाई,
राम बिना सबही दुखदाई ॥
कहा करूं तेरा सांख व जोग,
राम बिना सब बंधन रोग ॥
ध्यानु की तरह अम्बे, मेरा नाम अमर कर दो: भजन (Dhyanu Ki Tarah Ambe Mera Naam Amar Kardo)
फूल है वो किस्मत वाले: भजन (Phool Hain Wo Kismat Wale)
भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए: भजन (Bheja Hai Bulava Tune Shera Waliye)
कहा करूं दंद्रिन का सुक्ख,
राम बिना देवा सब दुक्ख ॥
दरिया कहै राम गुरू मुखिया,
हरि बिनु दुखी राम सँग सुखिया ॥
Post Views: 286








