
मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो – भजन (Maiya Mori Mai Nahi Makhan Khayo)
मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो । भोर भयो गैयन के पाछे, मधुवन मोहिं पठायो । चार पहर बंसीबट भटक्यो, साँझ परे घर आयो ॥

मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो । भोर भयो गैयन के पाछे, मधुवन मोहिं पठायो । चार पहर बंसीबट भटक्यो, साँझ परे घर आयो ॥

तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम, मेरे अलबेले श्याम । अलबेले श्याम मेरे मतवाले श्याम ॥ घर बार छोड़ा सब तेरी लगन में, बाँवरी भई

मोहन से दिल क्यूँ लगाया है, ये मैं जानू या वो जाने, छलिया से दिल क्यूँ लगाया है, ये मैं जानू या वो जाने ॥

वृन्दावन धाम अपार, जपे जा राधे राधे, राधे सब वेदन को सार, जपे जा राधे राधे । जपे जा राधे राधे, भजे जा राधे राधे,

श्याम खाटू वाले से, मेरी पहचान हो गई, मुश्किल बड़ी थी मेरी, मंजिल आसान हो गई, श्याम खाटू वालें से, मेरी पहचान हो गई ॥

एक नज़र बस एक नज़र, हम पे मोहन वार दे, ज़िन्दगी की डगमगाती, मेरी नैया तार दे ॥ स्वांस की हर तार पर, कृष्ण तेरा

कृष्ण कन्हैया बंसी बजैया, नंदलाला घनश्याम रे, गोवर्धन गिरधारी कान्हा, तेरे कितने नाम रे, बोलो श्याम राधे श्याम, बोलो श्याम राधे श्याम ॥ श्यामसखा गिरिवरधारी,
