
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया – भजन (Sanwali Surat Pe Mohan Dil Diwana Ho Gaya)
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया । दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया ॥ एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल

सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया । दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया ॥ एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल

हमने ब्रज के ग्वाले से, अपना दिल लगाया है, नींद भी गवाई है, चैन भी गवाया है, हमनें ब्रज के ग्वाले से, अपना दिल लगाया

सारी दुनिया में आनंद छायो, कान्हा को जन्मदिन आयो ॥ आई भादो की रेन कारी कारी, आई भादो की रेन कारी कारी, मथुरा में है

मदन गोपाल शरण तेरी आयो, चरण कमल की सेवा दीजै, चेरो करि राखो घर जायो, मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥ धनि-धनि मात पिता सुत

सखि चलो नंद के द्वार, ओ द्वार, लाला के दर्शन कर आवें, लाला के दर्शन कर आवें ॥ यशोदा ने लाला जायो है, यशोदा ने

गोबिंद चले चरावन गैया । दिनो है रिषि आजु भलौ दिन, कह्यौ है जसोदा मैया ॥ उबटि न्हवाइ बसन भुषन, सजि बिप्रनि देत बधैया ।

धन जोबन और काया नगर की, कोई मत करो रे मरोर ॥ क्यूँ चले से आंगा पांगा, चिता बिच तने धर देंगे नंगा, एक अग्नि
