
चल काँवरिया, चल काँवरिया – भजन (Chal Kawariya, Chal Kawariya)
जय हो बैजनाथ जय हो भोले भंडारी जय हो बैजनाथ जय हो भोले भंडारी जय हो बैजनाथ जय हो भोले भंडारी बोल बम बम, बम

जय हो बैजनाथ जय हो भोले भंडारी जय हो बैजनाथ जय हो भोले भंडारी जय हो बैजनाथ जय हो भोले भंडारी बोल बम बम, बम

महादेव शंकर हैं जग से निराले, बड़े सीधे साधे बड़े भोले भाले । मेरे मन के मदिर में रहते हैं शिव जी, यह मेरे नयन

जमुना के तट पर, मारी नजरिया ऐसी सांवरिया ने, घायल हो गई पल में, गजरा गिर गया जमुना जल में, की गजरा गिर गया जमुना

जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे, तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥ मन में बसा ले तू शिव का शिवाला, साथ

कभी भूलू ना कभी भूलू ना कभी भूलू ना याद तुम्हारी रटू तेरा नाम मैं साँझ सवेरे राधा रमण मेरे, राधा रमण राधा रमण मेरे,

अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता, तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता । जबसे मिली है दया हमको इनकी, तो राहें बदल दी

शिवरात्रि, सावन के सोमवार, सोमवर, सोलह सोमवर, काँवड़, सावन के महिने मे अत्यधिक प्रयोग मे आने वाले शिव, शंकर, भोले, भोलेनाथ, महादेव एवं महाकाल के
