
इस योग्य हम कहाँ हैं, गुरुवर तुम्हें रिझायें: भजन (Is Yogya Ham Kahan Hain, Guruwar Tumhen Rijhayen)
इस योग्य हम कहाँ हैं इस योग्य हम कहाँ हैं, गुरुवर तुम्हें रिझायें । फिर भी मना रहे हैं, शायद तु मान जाये ॥ जब

इस योग्य हम कहाँ हैं इस योग्य हम कहाँ हैं, गुरुवर तुम्हें रिझायें । फिर भी मना रहे हैं, शायद तु मान जाये ॥ जब

झूलन चलो हिंडोलना, वृषभान नंदनी, झूलन चलो हिडोलना, वृषभान नंदनी। सावन की तीज आई, नवघोर घटा छाई, सावन की तीज आई, नवघोर घटा छाई, नवघोर

हो जो नजरे करम आपकी, फिर नहीं डर है संसार की, एक नजर दास पर हो कभी, एक नजर दास पर हो कभी, फिर नहीं

मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले, हर घड़ी हर पल राम राम निकले ॥ मन मंदिर में ज्योत जगाउंगी, प्रभु सदा मैं तेरे गुण

भगवान तुम्हारे चरणों में, मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ, वाणी मैं तनिक मिठास नही, पर विनय सुनाने आया हूँ ॥ प्रभु का चरणामृत लेने को,

बााबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी, बाबा लेले चलियौ हमरो अपन नगरी, अपन नगरी हो झारखण्ड डगरी बबा लेले चलियौ हमरो अपन नगरी, बाबा लेले

छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना मे डोले रे छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना मे डोले रे मैने बासों पूछी लाली, कौन तेरो गाव रे मैने
