
भला किसी का कर ना सको तो – भजन (Bhala Kisi Ka Kar Na Sako Too)
भला किसी का कर ना सको तो, बुरा किसी का मत करना, पुष्प नहीं बन सकते तो तुम, कांटे बन कर मत रहना ॥ बन

भला किसी का कर ना सको तो, बुरा किसी का मत करना, पुष्प नहीं बन सकते तो तुम, कांटे बन कर मत रहना ॥ बन

तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का, माटी का रे, माटी का, माटी का रे, माटी का, तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का ।

जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी ॥ अजर अमर अज अरूप, सत चित आनंदरूप । व्यापक ब्रह्मस्वरूप, भव! भव-भय-हारी ॥ जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी ॥

मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो, अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो, अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो, वो है त्रिपुरारी अनाड़ी मत समझो

दे प्रभो वरदान ऐसा, दे विभो वरदान ऐसा । भूल जाऊं भेद सब, अपना पराया मान तैसा ॥ मुक्त होऊं बन्धनों से, मोह माया पाश

भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए, भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए, भोले नाथ आए बाबा अलख जगाए । सखी एक बोली मैया बाहर पधारो

भक्ति की झंकार उर के, तारों में कर्त्तार भर दो । भक्ति की झंकार उर के, तारों में कर्त्तार भर दो ॥ लौट जाए स्वार्थ,
