
देखो आ गए है घर घर में, पार्वती के लल्ला: भजन (Dekho Aa Gaye Hai Ghar Ghar Mein Parvati Ke Lalla)
गणपति आज पधारे घर में, मच गओ है ये हल्ला, देखो आ गए है घर घर में, पार्वती के लल्ला, शिव गौरा की आंख के

गणपति आज पधारे घर में, मच गओ है ये हल्ला, देखो आ गए है घर घर में, पार्वती के लल्ला, शिव गौरा की आंख के

गजमुखं द्विभुजं देवा लम्बोदरं, भालचंद्रं देवा देव गौरीशुतं ॥ कौन कहते है गणराज आते नही, भाव भक्ति से उनको बुलाते नही ॥ कौन कहते है

नवजात शिशु के जन्म बधाई की खुशी मे यह गीत या भजन भारत के जैन समाज मे बहुत लोकप्रिय है!बजे कुण्डलपर में बधाई,के नगरी में

घर घर बधाई बाजे रे देखो,घर घर बधाई बाजे रे,ढोलक नगाड़ा वाजे रे देखो,ढोलक नगाड़ा वाजे रेजन में अयोध्या में राम लला की,माता कौशल्या खिलाये

लाज रखो हे कृष्ण मुरारी,हे गिरधारी हे बनवारी,हे गिरधारी हे बनवारी,लाज रखों हे कृष्ण मुरारी ॥कहता है खुद को बलशाली,कहता है खुद को बलशाली,खिंच रहा,खिंच

तेरी अंखिया हैं जादू भरी,बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥सुनलो मेरे श्याम सलोना,तुमने ही मुझ पर,कर दिया टोना,मेरी अंखियाँ तुम्ही से लड़ी,बिहारी मैं तो

दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाए,नजर लग जाए रे,जुलम होय जाए,दिखाऊँ कोनी लाड़लो,नजर लग जाए ॥विषधर तेरे गले में लिपटे,अंग भभूत रमाए,तेरे रूप को देख के
