
जय हो शिव भोला भंडारी – भजन (Jai Ho Shiv Bhola Bhandari Lela Aprampar Tumhari Bhajan)
जय हो शिव भोला भंडारी, लीला अपरंपार तुम्हारी, लेके नाम, तेरा नाम, तेरे धाम आ गए, तेरे भक्त पे संकट भारी, रक्षा कीजिये हे त्रिपुरारी,

जय हो शिव भोला भंडारी, लीला अपरंपार तुम्हारी, लेके नाम, तेरा नाम, तेरे धाम आ गए, तेरे भक्त पे संकट भारी, रक्षा कीजिये हे त्रिपुरारी,

शंकर मेरा प्यारा, शंकर मेरा प्यारा । माँ री माँ मुझे मूरत ला दे, शिव शंकर की मूरत ला दे । मूरत ऐसी जिस के

राम नाम मधुबन का, भ्रमर बना, मन शिव का। निश दिन सिमरन करता, नाम पुण्यकारी॥ शंकर शिव शम्भु, साधु सन्तन सुखकारी ॥ निश दिन सिमरन

जटा कटा हसं भ्रमभ्रमन्नि लिम्प निर्झरी, विलोलवी चिवल्लरी विराजमान मूर्धनि। धगद्धगद्धग ज्ज्वल ल्ललाट पट्ट पावके, किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम॥ कौन-है वो, कौन-है वो, कहाँ से

कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ, आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू, भगतो को कभी शिव ने निराश न किया, माँगा जिसे चाहा

ऊँचे ऊँचे मंदिर तेरे, ऊँचा तेरा धाम, हे कैलाश के वासी भोले, हम करते है तुझे प्रणाम । अजब है तेरी माया, इसे कोई समझ

अजब है भोलेनाथ ये, दरबार तुम्हारा, दरबार तुम्हारा, भूत प्रेत नित करे चाकरी, सबका यहाँ गुज़ारा, अजब है भोलेंनाथ ये, दरबार तुम्हारा, दरबार तुम्हारा ॥
