
उड़े उड़े बजरंगबली, जब उड़े उड़े – भजन (Ude Ude Bajrangbali, Jab Ude Ude)
उड़े उड़े बजरंगबली, जब उड़े उड़े, उड़े उड़े बजरंगबली, जब उड़े उड़े, हनुमान उड़े उड़ते ही गये, सब देख रहे है, खड़े रे खड़े, उड़े

उड़े उड़े बजरंगबली, जब उड़े उड़े, उड़े उड़े बजरंगबली, जब उड़े उड़े, हनुमान उड़े उड़ते ही गये, सब देख रहे है, खड़े रे खड़े, उड़े

श्री हनुमान जन्मोत्सव, मंगलवार व्रत, शनिवार पूजा, बूढ़े मंगलवार, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाला भजन। दुनिया

लाल लंगोटो हाथ मे सोटो, थारी जय जो पवन कुमार, मैं वारि जाऊँ बालाजी, बलिहारी जाऊँ बालाजी॥ सालासर थारो देवरो है बाबा, मेहंदीपुर भी थारो

बालाजी मने राम मिलन की आस, बतादो कद* मिलवाओगे । बालाजी मने राम मिलन की आस, बतादो कद मिलवाओगे । राम रटा था जब शबरी

हरे राम हरे रामा, जपते थे हनुमाना, इस मंत्र कि महिमा को, सारे जग ने जाना ॥ जब केवट ने मुख से, इस मंत्र के

रामा रामा रटो, करो सफल उमरिया, मिल जाएगी डगर, जप लोगे जो गर, प्रभु राम का नाम, राम का नाम, रामा रामा रटों, करो सफल

बसाले मन मंदिर में राम, बनेंगे बिगड़े तेरे काम, बसालें मन मंदिर में राम, बसालें मन मंदिर में राम ॥ कौड़ी कौड़ी माया जोड़ी, क्या
